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श श वत और त त क वलक, इस प रक र क ववव क करन क र न क इस पररत वस थवत न ववश व क सभ म नव क वसख वदय ह स स क वत क म ल क महत त व वफर स सबक ध य न म आ गय ह और अपन परम पर ओ म द श-क ल-पररत वस थवत स स गत आचरण क वफर स प रचलन क स ह ग इसक स च म बह त स र क ट म ब पड़ ह ए वदख ई द त ह ववश व क ल ग अब वफर स क ट म ब व यवस थ क मह, पय ववरण क स थ वमत र बन कर ज न क महत त व समझन लग ह यह स च क र न क म र क प रवतव य म त त क वलक स च ह य श श वत र प म ववश व क म नवत न अपन वदश म थ ड़ पररवतवन वकय ह यह ब त त समय बत एग परन त इस त त क वलक पररत वस थवत क क रण श श वत म ल क ओर व य पक र प म ववश व म नवत क ध य न ख च गय ह यह ब त वनवश चत ह आज तक ब ज र क आध र पर सम प णव द वनय क एक करन क ज ववच र प रभ व व सब क ब त म थ, उसक स थ न पर, अपन अपन र ष ट र क उसक ववश र षत ओ सवहत स वस थ रखत ह ए, आ तरर ष ट र य ज वन म सक र त मक सहय ग क ववच र प रभ व ह न लग ह स वद श क महत त व वफर स सब ल ग बत न लग ह इन शब क अपन भ रत य द वष ट स य ग य अथव क य ह यह स च ववच र कर हमक इन श श वत म ल परम पर ओ क ओर कदम बढ़ न पड़ ग इस मह म र क स दभव म च न क भ वमक स वदग रह यह त कह ह ज सकत ह, पर त भ रत क स म ओ पर वजस प रक र स अवत मण क प रय स अपन आवथवक स मररक बल क क रण मद ध ह कर उसन वकय वह त सम प णव ववश व क स मन स पष ट ह भ रत क श सन, प रश सन, स न तथ जनत सभ न इस आ मण क स मन अड़ कर खड़ ह कर अपन स व वभम न, द ढ़ वनश चय व व रत क उज जवल पररचय वदय, इसस च न क अनप वक षत धक क वमल लगत ह इस पररत वस थवत म हम सजग ह कर द ढ़ रहन पड़ ग च न न अपन ववस त रव द मन व व क पररचय इसक पहल भ ववश व क समय-समय पर वदय ह आवथवक क ष त र म, स मररक क ष त र म, अपन अ तगवत स रक ष तथ स म स रक ष व यवस थ ओ म, पड़ स द श क स थ तथ आ तरर ष ट र य स ब ध म च न स अवधक बड़ स थ न प र प त करन ह उसक र क षस महत त व क क ष क वनय त रण क एकम त र उप य ह इस ओर हम र श सक क न वत क कदम बढ़ रह ह ऐस वदख ई द त ह श र ल क, ब ग ल द श, ब रह मद श, न प ल ऐस हम र पड़ स द श, ज हम र वमत र भ ह और Page 5 of 16

बह त म त र म सम न प रक वत क द श ह, उनक स थ हम अपन सम बन ध क अवधक वमत रत प णव बन न म अपन गवत त व र करन च वहए इस क यव म ब ध उत पन न करन व ल मनम ट व, मत न तर, ववव द क म द द आवद क श घ रत प वक द र करन क अवधक प रय स करन पड़ ग हम सभ स वमत रत च हत ह वह हम र स वभ व ह परन त हम र सद भ वन क द बवलत म नकर अपन बल क प रदशवन स क ई भ रत क च ह ज स नच ल, झ क ल यह ह नह सकत, इतन त अब तक ऐस द स हस करन व ल क समझ म आ ज न च वहए हम र स न क अट ट द शभत वक त व अदम व रत, हम र श सनकत वओ क स व वभम न रव य तथ हम सब भ रत क ल ग क द दवम न वत-ध यव क ज पररचय च न क पहल ब र वमल ह, उसस उसक भ ध य न म यह ब त आन च वहए उसक रव य म स ध र ह न च वहए परन त नह ह आ त ज पररत वस थवत आएग उसम हम ल ग क सजगत, त य र व द ढ़त कम नह पड़ ग यह ववश व स आज र ष ट र म स वत र वदखत ह र ष ट र क स रक ष व स वभ म सम प रभ त क वमलन व ल ब हर क च न वतय ह ऐस सजगत तथ त य र क म ग कर रह ह ऐस नह, द श म वपछल वर षव भर म कई ब त सम न तर चलत रह, उनक वनवहत थव क समझत ह त इस न ज क पररत वस थवत म सम ज क स वध न, समझद र समरसत व श सन- प रश सन क तत परत क महत त व सब क ध य न म आत ह स स ज व वचत रह ह ऐस स च हन व ल र जन वतक दल क प न स प र त वप त क प रय स, यह प रज त त र म चलन व ल एक स म न ब त ह ल वकन उस प रव य म भ एक ववव क क प लन अप वक षत ह वक वह र जन वत म चलन व ल आपस क स पध व ह, शत र ओ म चलन व ल य नह स पध व चल, स वस थ चल, पर त उसक क रण सम ज म कट त, भ द, द ररय क बढ़न, आपस म शत र त खड़ ह न यह नह ह न च वहए ध य न रह, इस स पध व क ल भ ल न व ल, भ रत क द बवल य खत व त बन कर रखन च हन व ल, भ रत क सम ज सद कलहग रस त रह इसवलए उसक ववववधत ओ क भ द बत कर, य पहल स चलत आई ह ई द भ वग यप णव भ द क त वस थवत क और ववकट व स घर षवय क त बन त ह ए, आपस म झगड़ लग न व ल शत वक तय, ववश व म ह व उनक हस तक भ रत म भ ह उनक अवसर द न व ल क ई ब त अपन ओर स न ह, यह वच त सभ क करन पड़ ग सम ज म वकस प रक र स अपर ध क अथव अत य च र क क ई घटन ह ह नह, अत य च र व आपर वधक प रव व क ल ग पर प णव वनय त रण रह और वफर भ Page 6 of 16

घटन ए ह त ह त उसम द र ष व यत वक त त र त पकड ज य और उनक कड़ स कड़ सज ह, यह श सन प रश सन क सम ज क सहय ग ल त ह ए स वनवश चत करन च वहए श सन-प रश सन क वकस वनणवय पर य सम ज म घटन व ल अच ब र घटन ओ पर अपन प रवतव य द त समय अथव अपन ववर ध जत त समय, हम ल ग क क वत, र ष ट र य एक त मत क ध य न व सम न रखकर, सम ज म ववद म न सभ प थ, प र त, ज वत, भ र ष आवद ववववधत ओ क सम न रखत ह ए व स ववध न क न न क मय वद क अ दर ह अवभव यक त ह यह आवश यक ह द भ वग य स अपन द श म इन ब त पर प र म वणक वनष ठ न रखन व ल अथव इन म ल क ववर ध करन व ल ल ग भ, अपन आप क प रज त त र, स ववध न, क न न, प थवनरप क षत आवद म ल क सबस बड़ रखव ल बत कर, सम ज क भ रवमत करन क क यव करत चल आ रह ह 25 नवम बर 1949 क स ववध न सभ म वदय अपन भ र षण म श र य ड. ब ब स हब आ ब डकर न उनक ऐस तर क क "अर जकत क व य करण"(Grammer of Anarchy) कह थ ऐस छद व र ष उपद रव करन व ल क पहच नन व उनक र षडय त र क न क म करन तथ भ रमवश उनक स थ द न स बचन सम ज क स खन पड़ ग ऐस भ रम स घ क ब र म वनम वण न ह इस वलए स घ क छ शब क उपय ग क य करत ह अथव क छ प रचवलत शब क वकस अथव म समझत ह यह ज नन आवश यक ह वहन द ऐस ह एक शब ह वजसक अथव क प ज स ज ड़कर स क वचत वकय गय ह स घ क भ र ष म उस स क वचत अथव म उसक प रय ग नह ह त वह शब अपन द श क पहच न क, अध य त म आध ररत उसक पर पर क सन तन स तत य तथ समस त म ल सम पद क स थ अवभव यत वक त द न व ल शब ह इसवलए स घ म नत ह वक यह शब भ रतवर षव क अपन म नन व ल, उसक स स क वत क व वश वक व स वक वलक म ल क आचरण म उत रन च हन व ल, तथ यशस व र प म ऐस करक वदख न व ल उसक प वज परम पर क ग रव मन म रखन व ल सभ 130 कर ड़ सम ज बन ध ओ क ल ग ह त ह उस शब क ववस मरण स हमक एक त मत क स त र म वपर कर द श व सम ज स ब धन व ल ब धन ढ ल ह त ह इस वलए इस द श व सम ज क त ड़न च हन व ल, हम आपस म लड़ न च हन व ल, इस शब क, ज सबक ज ड़त ह, अपन वतरस क र व ट क वटप पण क पहल लक ष य बन त ह इसस कम व य त वप त व ल शब ज हम र अलग-अलग वववशष ट छ ट पहच न क न म ह तथ वहन द इस शब क अ तगवत प णवत सम वनत व स व क यव ह, सम ज क त ड़न च हन व ल Page 7 of 16

ऐस ल ग उन ववववधत ओ क अलग व क र प म प रस त त करन पर ज र द त ह वहन द वकस प थ, सम प रद य क न म नह ह, वकस एक प र त क अपन उपज य ह आ शब नह ह, वकस एक ज वत क बप त नह ह, वकस एक भ र ष क प रस क र करन व ल शब नह ह वह इन सब वववशष ट पहच न क क यम स व क त व सम वनत रखत ह ए, भ रत भत वक त क तथ मन ष यत क स स क वत क ववश ल प र गण म सबक बस न व ल, सब क ज ड़न व ल शब ह इस शब पर वकस क आपव ह सकत ह आशय सम न ह त अन शब क उपय ग पर हम क ई आपव नह ह परन त इस द श क एक त मत क व स रक ष क वहत म, इस वहन द शब क आग रहप वक अपन कर, उसक स थ न य तथ व वश वक, सभ अथ क कल पन म सम टकर स घ चलत ह स घ जब 'वहन द स थ न वहन द र ष ट र ह ' इस ब त क उच रण करत ह त उसक प छ क ई र जन वतक अथव स क वद रत स कल पन नह ह त अपन र ष ट र क 'स व' वह द ह समस त र ष ट र ज वन क स म वजक, स स क वतक, इसवलए उसक समस त व य कल प क वदग वशवत करन व ल म ल क व उनक व यत वक तगत, प ररव ररक, व यवस वयक और स म वजक ज वन म अवभव यत वक त क, न म वहन द इस शब स वनवदवष ट ह त ह उस शब क भ वन क पररवध म आन व रहन क वलए वकस क अपन प ज, प र न त, भ र ष आवद क ई भ ववश र षत छ ड़न नह पड़त क वल अपन ह वचवस व स थ वपत करन क इच छ ड़न पड़त ह स वय क मन स अलग वव द भ वन क सम प त करन पड़त ह वचवस वव द सपन वदख कर, कट टरप थ क आध र पर, अलग व क भड़क न व ल स व थ तथ द व र ष ल ग स बच कर रहन पड़त ह भ रत क ववववधत क म ल म त वस थत श श वत एकत क त ड़न क घ वणत प रय स इस प रक र, हम र तथ कवथत अल पस ख यक तथ अन स वचत ज वत जनज वत क ल ग क, झ ठ सपन तथ कप लकत वल पत द व र ष क ब त बत कर चल रह ह भ रत त र ट कड़ ह ग ऐस घ र षण ए द न व ल ल ग इस र षड य त रक र म डल म श वमल ह, न त भ करत ह र जन वतक स व थव, कट टरपन व अलग व क भ वन, भ रत क प रवत शत र त तथ ज गवतक वचवस व क मह क क ष, इनक एक अज ब सत वम श रण भ रत क र ष ट र य एक त मत क ववर क म कर रह ह यह समझकर ध यव स क म ल न ह ग भड़क न व ल क अध न न ह त ह ए, स ववध न व क न न क प लन करत ह ए, अवह सक तर क स व ज ड़न क ह एकम त र उद द श य स हम सबक क यवरत रहन पड़ ग एक द सर क प रवत व यवह र म हम ल ग स यवमत, वनयम क न न तथ न गररक अन श सन क द यर म, Page 8 of 16

सद भ वन प णव व यवह र करत ह त ह परस पर ववश व स क व त वरण बनत ह ऐस व त वरण म ह ठ वदम ग स समन वय स समस य क हल वनकलत ह इसस ववपर त आचरण परस पर अववश व स क बढ़ व द त ह अववश व स क द वष ट म समस य क हल आ ख स ओझल ह ज त ह समस य क स वर प भ समझन कवठन ह ज त ह क वल प रवतव य क, ववर ध क, भय क भ वन म अवनय वत रत वह सक आचरण क बढ़ व वमलत ह, द ररय और ववर ध बढ़त रहत ह परस पर व यवह र म आपस म हम सब स यवमत व ध यवप वक व यवह र रखकर ववश व स क तथ स ह दव क बढ़ व द सक, इसवलए सभ क अपन सबक एक बड़ पहच न क सत य क स पष ट स व क र करन पड़ ग र जन वतक ल भह न क द ष ट स ववच र करन क प रव क द र रखन पड़ ग भ रत स भ रत य अलग ह कर ज नह सकत ऐस सब प रय ग प णव अयशस व ह ए ह, यह द श य हम र आ ख क स मन वदख रह ह स वय क कल ण क ब त व हमक एक भ वन म वमल ज न क वदश वनद श द रह ह यह ध य न म ल न ह ग भ रत क भ ववनक एकत व भ रत म सभ ववववधत ओ क स व क र व सम न क भ वन क म ल म वहन द स स क वत, वहन द परम पर व वहन द सम ज क स व क र प रव व व सवहष ण त ह यह ध य न म रखन पड़ ग वहन द इस शब क उच रण स घ क लगभग प रत य क वक तव य म ह त रहत ह, वफर भ यह पर वफर एक ब र उसक चच व इसवलए क ज रह ह वक इसस सम बत वन धत और क छ शब आजकल प रचवलत ह रह ह उद हरण थव स वद श इस शब क आजकल ब र-ब र उच रण ह त ह इसम ज स व ह वह वहन द ह उस हम र र ष ट र क सन तन स वभ व क उद घ र ष स व म ववव क न द ज न, अम ररक क भ वम स एक क ट म ब क र प म सम प णव ववश व क द खत ह ए, स वप थसमन वय क स थ स व क यवत व सवहष ण त क घ र षण क र प म वकय थ मह कवव श र रवव द र न थ ठ क र न अपन स वद श सम ज म भ रत क नव त थ न क कल पन इस आध र पर स पष ट र प स रख थ श र अरवव द न उस क घ र षण अपन उ रप र क भ र षण म क थ अट ठ रह स स वन क पश च त हम र द श क समस त आत मम थन, वचन तन तथ सम ज ज वन क ववववध अ ग म प रत यक ष सव यत क सम प णव अन भव हम र स ववध न क प रस त वन म गवठत वकय गय ह वह इस हम र आत म क घ र षण करत ह उस हम र आत म य स व क आध र पर, हम र द श क ब त व क ववच र म थन क वदश, उसक द व र वकए ज न व ल स र स र Page 9 of 16

ववव क, कतवव य कतवव यववव क क वनकर ष वनवश चत ह न च वहए हम र र ष ट र य म नस क आक क ष ए, अप क ष ए व वदश ए उस क प रक श म स क र ह न च वहए हम र प र र ष थव क भ वतक जगत म वकए ज न व ल उद म क ग तव य व प रत यक ष पररण म उस क अन र प ह न च वहए तब और तब ह भ रत क स ववनभवर कह ज य ग उत प दन क स थ न, उत प दन म लगन व ल ह थ, उत प दन क वववनमय स वमलन व ल आवथवक ल भ व उत प दन क अवधक र अपन द श म रहन च वहए परन त क वल म त र इसस वह क यवप वत स वद श क नह बनत ववन ब ज न स वद श क स व वलम बन तथ अवह स कह ह स वग य द प त ठ गड़ ज न कह वक स वद श क वल स म न व स व तक स वमत नह इसक अथव र ष ट र य आत मवनभवरत, र ष ट र य सम प रभ त तथ बर बर क आध र पर आ तरर ष ट र य सहय ग क त वस थवत क प र प त करन यह ह भववष य म हम स व वल ब बन सक इसवलय आज बर बर क त वस थवत तथ अपन शत क आध रपर आ तरर ष ट र य व य प ररक ल नद न म हम वकन कम पवनय क ब ल त अथव हम र वलय अपररवचत तकन क ल न क वलय क छ सह वलयत द त ह त, इसक मन ई नह ह परन त यह सहमवत क वनणवय ह त ह स व वलम बन म स व क अवलम बन अवभप र त ह हम र द वष ट क आध र पर हम अपन ग तव य तथ पथ क वनवश चत करत ह द वनय वजन ब त क प छ पड़ कर व यथव द ड़ लग रह ह, उस द ड़ म हम श वमल ह कर पहल म क पर आत ह त इसम पर म और ववजय वनवश चत ह परन त स व क भ न व सहभ ग नह ह उद हरण थव क वर ष न वत क हम वनध वरण करत ह, त उस न वत स हम र वकस न अपन ब ज स वय बन न क वलए स वत त र ह न च वहए हम र वकस न अपन क आवश यक ख द, र गप रवतक रक दव इय व क टन शक स वय बन सक य अपन ग व क आस-प स प सक यह ह न च वहए अपन उत प दन क भ ड रण व स स करण करन क कल व स ववध उसक वनकट उपलब ह न च वहए हम र क वर ष क अन भव गहर व य पक व सबस लम ब ह इसवलय उसम स क लस स गत अन भववस पर पर गत ज ञ न तथ आध वनक क वर षववज ञ न स द श क वलय उपय क त व स पर वक षत अ श, हम र वकस न क अवगत कर न व ल न वत ह व ज ञ वनक वनर क षण तथ प रय ग क अपन ल भ क स ववध क अन स र पररभ वर षत करत ह ए, न वतय क प रभ ववत करक ल भ कम न क क प र ट जगत क च ग ल म न फ सत ह ए, अथव ब ज र य मध यस थ क जकड़न क ज ल स अप रभ ववत रहकर, अपन उत प दन ब चन क उसक त वस थवत बनन च वहए तब वह न वत भ रत य Page 10 of 16

द वष ट क य न स वद श क वर ष न वत म न ज एग यह क म आज क प रचवलत क वर ष व आवथवक व यवस थ म ररत ह न सक यह स भव ह, उस त वस थवत म क वर ष व यवस थ व अथवव यवस थ क इन ब त क वलए अन क लत क ओर ल ज न व ल न वत ह न पड़ ग, तब वह स वद श न वत कहल एग अथव, क वर ष, श रम, उद ग तथ वशक ष न वत म स व क ल न क इच रख कर क छ आश जग न व ल कदम अवश य उठ ए गए ह व य पक स व द क आध र पर एक नई वशक ष न वत घ वर षत ह ई ह उसक स प णव वशक ष जगत स स व गत ह आ ह, हमन भ उसक स व गत वकय ह Vocal for Local यह स वद श स भ वन ओ व ल उ म प र र भ ह परन त इन सब क यशस व व य न वयन प णव ह न तक ब र क स ध य न द न पड ग इस वलय स व य आत मतत त व क ववच र इस व य पक पररप र क ष य म सबन आत मस त करन ह ग, तभ उवचत वदश म चलकर यह य त र यशस व ह ग हम र भ रत य ववच र म स घर षव म स प रगवत क तत त व क नह म न ह अन य वनव रण क अ वतम स धन क र प म ह स घर षव म न वकय गय ह ववक स और प रगवत हम र यह समन वय क आध र पर स च गई ह इसवलए प रत य क क ष त र स वत त र व स व वल ब त बनत ह, परन त आत म यत क भ वन क आध र पर, एक ह र ष ट र प र र ष क अ ग क र प म, परस पर वनभवरत स चलन व ल व यवस थ बन कर, सभ क ल भ सभ क स ख स धत ह यह आत म यत व ववश व स क भ वन, न वत बन त समय, सभ सम बत वन धत पक ष व व यत वक तय स व य पक ववच र-वववनमय ह कर, परस पर सक र त मक म थन स सहमवत बनत ह, उस स वनकलत ह सबक स थ स व द, उसम स सहमत, उसक पररण म सहय ग, इस प रव य क क रण ववश व स, यह अपन आत म य जन म, सम ज म यश, श र य आवद प र प त करन क प रव य बत ई गई ह सम न म त र सममम सम न सम न मन सहम त तम ष म सम न म त रमम म त रय व सम न न व हमवष ज ह मम स भ ग य स ऐस ववश व स सभ क मन म सभ ववर षय पर उत पन न करन क क षमत आज क र जन वतक न त क प स ह न क आश व अप क ष क ज सकत ह सम ज व श सन क ब च प रश सन क स तर पय वप त स व दनश ल व प रदश ह न स यह क यव और अवधक अच तरह सम पन न वकय ज सकत ह Page 11 of 16

सहमवत क आध र पर वकए गए वनणवय वबन पररवतवन क तत परत प वक जब ल ग ह त ह ए वदखत ह तब यह समन वय और सहमवत क व त वरण और मजब त ह त ह घ वर षत न वतय क व य न वयन आखर स तर तक वकस प रक र ह रह ह उसक ब र म सजगत व वनय त रण सद ह आवश यक रहत ह न वत वनम वण क स थ-स थ उसक व य न वयन म भ तत परत व प रदवशवत रहन स न वत म अप वक षत पररवतवन क ल भ क प णव म त र म प सकत ह क र न क पररत वस थवत म न वतक र सवहत द श क सभ ववच रव न ल ग क ध य न, अपन द श क आवथवक द वष ट म, क वर ष, उत प दन क ववक वद रत करन व ल छ ट व मध यम उद ग, र जग र स जन, स वर जग र, पय ववरण वमत रत तथ उत प दन क सभ क ष त र म श घ र स ववनभवर ह न क आवश यकत क तरफ आकवर षवत वकय ह इन क ष त र म क यवरत हम र छ ट बड उद म, वकस न, आवद सभ इस वदश म आग बढ़कर द श क वलए सफलत प न क वलए उत स क ह बड़ द श क प रच ड आवथवक शत वक तय स स पध व म श सन क उन स रक ष कवच द न ह ग क र न क पररत वस थवत क चलत छ मवहन क अ तर ल क ब द वफर खड़ ह न क वलए सह यत द न क स थ ह वह पह च रह ह यह भ स वनवश चत करन ह ग हम र र ष ट र क ववक स व प रगवत क ब र म हम अपन भ व भ वम क आध र बन कर, अपन प ष ठभ वम म, अपन ववक स पथ क आल खन करन पड़ ग उस पथ क ग तव य हम र र ष ट र य स स क वत व आक क ष क अन र प ह ह ग सबक सहमवत क प रव य म सक र त मक र प स हम सहभ ग कर ल, अच क, तत परत प णव और ज स वनश चय ह त ह वबलक ल व स, य जन ओ क व य न वयन स वनवश चत कर आखर आदम तक इस ववक स प रव य क ल भ पह चत ह, मध यस थ व दल ल क द व र ल ट ब द ह कर जनत जन दवन स ध ववक स प रव य म सहभ ग व ल भ त वन वत ह त ह इसक द ख ग, तभ हम र स वप न सत यत म उतर सकत ह, अन थ उनक अध र रह ज न क खतर बन रहत ह उपर क त सभ ब त क महत त व ह परन त र ष ट र त थ न क सभ प रव य ओ म सम ज क द वय ग र तर व म ल ध र क स थ न रखत ह क र न क प रवतव य क र प म ववश व म ज ग त ह आ 'स व' क मह क, र ष ट र यत क, स स क वतक म ल क मह क, पय ववरण क ववच र व उसक प रवत क वत क तत परत, क र न क पररत वस थवत ढ ल ह त ह त म द ह कर, वफर स सम ज क व यवह र इन सब श श वत महत त व क उपक रक ब त क अवह लन क न बन ज ए यह तभ सम भव ह ग Page 12 of 16

जब सम प णव सम ज वनर तर अभ य सप वक इसक आचरण क स तत यप णव और उ र र आग बढ़न व ल बन एग अपन छ ट -छ ट आचरण क ब त म पररवतवन ल न क म बन कर, वनत य इन सब ववर षय क प रब धन क उप म चल कर, हम अपन आदत क इस पररवतवन क क यम रखकर आग बढ़ सकत ह प रत य क क ट म ब इसक इक ई बन सकत ह सप त ह म एक ब र हम अपन क ट म ब म सब ल ग वमलकर श र अन स र भजन व इच अन स र आनन दप वक घर म बन य भ जन करन क पश च त, द -त न घण क गपशप क वलए ब ठ ज ए और उसम इन ववर षय क चच व करत ह ए उसक प रक श म, प र पररव र म आचरण क छ ट स स कल प ल कर, अगल हफ त क गपशप तक उसक पररव र क सभ सदस य क आचरण म ल ग करन क क यव, सतत कर सकत ह चच व ह आवश यक ह, क य वक ववर षय य वस त नई ह य प र न, उसक नय पन य प र नपन उसक उपय क तत वस नह करत हर ब त क पर क ष करक ह उसक उपय क तत व आवश यकत क समझन च वहए,ऐस तर क हम र यह बत य गय ह - स पर क ष य न य रद जन त म ढ परप रत ययन य ब द ध पररव र म अन पच ररक चच व म ववर षय वस त क सभ पहल ओ क ज ञ न, स र स रववव क स उसक व स तववक आवश यकत क ज ञ न तथ उसक अपन न क अथव छ ड़न क मन बनत ह, तब पररवतवन समझब झ कर व स व च स स व क र ह न क क रण श श वत ह ज त ह प र रम भ म हम अपन घर म रखरख व, स जसज ज, अपन क ट म ब क ग रव परम पर, अपन क ट म ब क क लस स गत र वतररव ज, क लर वत क चच व कर सकत ह पय ववरण क ववर षय स वस व क त व स पररवचत ह न स अपन घर म प न क बच कर उपय ग, प ल त व क क प णवतय त य ग व घर क आ गन म, गमल म हररय ल, फ ल, सब ज बढ़ न स ल कर व क ष र पण क उप म क यव म तक क वत क चच व भ सहज व प र रक बन सकत ह हम सभ र ज स वय क वलए तथ क ट म ब क वलए समय व आवश यकत न स र धन क व यय करत ह ए क छ न क छ उपय क त क यव करत ह र ज सम ज क वलए वकतन समय व वकतन व यय लग त ह यह चच व क उपर त क वत क प र रम भ क ववर षय ह सकत ह सम ज क सभ ज वत भ र ष प र त वग म हम र वमत र व यत वक त व वमत र क ट म ब ह वक नह? हम र तथ उनक सहज आन -ज न क, स थ उठन -ब ठन, ख न -प न क सम बन ध ह वक नह, Page 13 of 16

यह स म वजक समरसत क द वष ट स बह त महत त वप णव आत मवच तन क ट म ब म ह सकत ह इन सभ ववर षय म सम ज म चलन व ल क यव म, उप म व प रय स म हम र क ट म ब क य गद न हम र सजगत व आग रह क ववर षय ह सकत ह प रत यक ष स व क क यव म उप म म - ज स रक तद न, न त रद न आवद - सहभ ग ह न अथव सम ज क मन इन क य क वलय अन क ल बन न ऐस ब त म अपन क ट म ब य गद न द सकत ह ऐस छ ट -छ ट उप म क द व र व यत वक तगत ज वन म सद भ व, श वचत, स यम, अन श सन सवहत म ल ध ररत आचरण क ववक स कर सकत ह उसक पररण म स वर प हम र स म वहक व यवह र भ न गररक अन श सन क प लन करत ह ए परस पर स ह दव बढ़ न व ल व यवह र ह ज त ह प रब धन क द व र सम ज क स म न घटक क मन अपन अ तवनववहत एक त मत क आध रस वर वहन द क बन कर चल, तथ द श क वलए प र र ष थव म अपन र ष ट र य स वर प क आत मभ न, सभ सम ज घटक क आत म यत वश परस पर वनभवरत, हम र स म वहक शत वक त सब क छ कर सकत ह यह आत मववश व स तथ हम र म ल क आध र पर ववक स य त र क ग तव य क स पष ट कल पन ज ग त रहत ह त, वनकट भववष य म ह भ रतवर षव क सम प णव द वनय क स ख श वत क य ग न क ल पथ प रशस त करत ह ए, बन ध भ व क आध र पर मन ष य म त र क व स तववक स वत त रत व समत प रद न कर सकन व ल भ रतवर षव इस न त खड़ ह त ह आ हम द ख ग ऐस व यत वक त तथ क ट म ब क आचरण स सम प णव द श म ब ध त, प र र ष थव तथ न यन वतप णव व यवह र क व त वरण चत वदवक खड़ करन ह ग यह प रत यक ष म ल न व ल क यवकत वओ क द शव य प सम ह खड़ करन क वलए ह 1925 स र ष ट र य स वय स वक स घ क यव कर रह ह इस प रक र क स गवठत त वस थवत ह सम ज क सहज स व भ ववक स वस थ अवस थ ह शतक क आ मणग रस तत क अ धक र स म क त ह ए अपन इस स वत त र र ष ट र क नव दय क प व शतव यह सम ज क स वस थ स गवठत अवस थ ह इस क खड़ करन क वलए हम र मह प र र ष न प रयत न वकए स वत त रत क पश च त इस ग तव य क ध य न म ल कर ह उसक य ग न क ल भ र ष म पररभ वर षत कर उसक व यवह र क वनयम बत न व ल स ववध न हम वमल ह उसक यशस व करन क वलए प र सम ज म यह स पष ट द वष ट, परस पर समरसत, एक त मत क भ वन तथ द श वहत सव परर म नकर वकय ज न व ल व यवह र इस स घ क यव स ह खड़ ह ग इस पववत र क यव म प र म वणकत स वनस व थव ब त व स व तन-मन-धनप वक द शभर म लक ष ववध स वय स वक लग ह आपक भ उनक Page 14 of 16

सहय ग क यवकत व बनकर द श क नव त थ न क इस अवभय न क रथ म ह थ लग न क आव हन करत ह आ म अपन शब क ववर म द त ह "प रश न बह स उत तर एक कदम ममल कर बढ़ अन क व व क उत त ग म खर पर स मद स ढ़ अन क " र म क जय Page 15 of 16